तू कुजा मन कुजा

 तू कुजा मन कुजा


तू अमीर इ हरम मैं फ़क़ीर इ अज़म 

तेरे गुन और यह लब मैं तलब ही तलब 

तू अता ही अता मैं खता ही खता 

तू कुजा मन कुजा 


इल्हाम जामा है तेरा 

कुरान इमाम है तेरा 

मिम्बर तेरा अर्शे बरी

या रेहमतुल्लिल आलमीन 

तू कुजा मन कुजा 


तू हकीकत है मैं सिर्फ अहसास हु 

तू समंदर मैं भटकी हुई प्यास हु 

मेरा घर ख़ाक पर और तेरी रह गुज़र 

सिदरतुल मुंतहा ... 

तू कुजा मन कुजा 


खैरुल बशर रुतबा तेरा 

आवाज़े हक़ खुत्बा तेरा 

आफ़ाक़ तेरे सामे'इन 

या रेहमतुल्लिल आलमीन 

तू कुजा मन कुजा 


डगमगाउ जो हालत के सामने 

आये तेरा तस्सुवर मेरे थामने 

मेरी खुश किस्मती में तेरा उम्मती 

तू जज़ा मै रिज़ा ... 

तू कुजा मन कुजा 


मेरा हर सांस तो खुं निचोड़े मेरा 

तेरी रहमत मगर दिल न तोडे मेरा 

कासा ए ज़ात हू तेरी खैरात हू

तु सखी मे गदा ...

तू कुजा मन कुजा ( ४ ) 


ए फिरीश्तो वो सूल्ताने मेअराज है 

तुमजो देखोगे हैरान हो जाओगे 

ज़ुल्फ तफ्सीर वल्लैल बन जाएगी 

चेहरा क़ूर्आन सारा नज़र आएगा

चेहरा नज़र आएगा ... (2)



मेरे आक़ा इमामे सफे अम्बिया 

नाम पर जिनके लाज़िम है सल्ले अला 

लाज़िम है सल्ले अला ...


तु कुजा मन कुजा मुस्तफा 

मुजतबा खातिमूल मुर्सलीन

 यारहमतल्लिल आलमीन

तू कुजा मन कुजा ( ४ ) 


तू है अहरामे अनवार बांधे हुए 

मैं दुरूदों की दस्तार बांधे हुए 

काबाए इश्क़ तू मैं तेरे चार सु 

तू असर मैं दुआ ... 

तू कुजा मन कुजा ( ४ ) 


दुरिआ सामने से जो हटने लगे 

जलिओ से निगाहे लिपटने लगे 

आंसुओ की जुबान हो मेरी तर्जुमा 

दिल से निकले सदा ... 

तू कुजा मन कुजा ( ४ )



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